रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड

रूरल इलेक्ट्रीफिकेशन कारपोरेशन लिमिटेड
भारत सरकार का उद्यम
21जुलाई2017
 
 
 
 
 
 
 
 

प्रोफ़ाइल

रूरल इलेक्ट्रीफिकेशन कारपोरेशन लिमिटेड (आरईसी), भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के अधीन सूचीबद्ध सार्वजनिक क्षेत्र का एक नवरत्न उद्यम है जो कंपनी अधिनियम 1956 के तहत 25 जुलाई, 1969 को निगमित किया गया था| 'अवसंरचना वित्त कंपनी' के दर्जे के साथ आरईसी एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी है| हमारा प्रमुख उद्देश्य देशभर में विद्युत क्षेत्र की परियोजनाओं को वित्तपोषित एवं प्रोत्साहित करना है|

आरईसी देश के अधिकांश राज्यों में स्थित 18 परियोजना कार्यालयों, 3 उप-कार्यालयों तथा नई दिल्ली में स्थित कारपोरेट कार्यालय के जरिए विभिन्न राज्य विद्युत यूटिलिटियों, निजी क्षेत्र की विकास परियोजनाओं, केंद्रीय क्षेत्र की विद्युत यूटिलिटियों एवं राज्य सरकारों को विद्युत उत्पादन, विद्युत पारेषण, विद्युत वितरण एवं अन्य प्रणाली संवर्धन योजनाओं/पहलों के लिए ऋण सहायता प्रदान करता है| 31.03.2016 के अनुसार आरईसी का लोन बुक रु. 2,00,000 करोड़ से अधिक है तथा नेटवर्थ रु. 28,618 करोड़ है|

राज्य में स्थित परियोजना एवं उप कार्यालय संबंधित राज्य विद्युत यूटिलिटियों के साथ योजना को तैयार करने, ऋणों की मंजूरी एवं इसका संवितरण करने तथा आरईसी के वित्तपोषण के कार्यक्रमों का समन्वय करते हैं तथा राज्य विद्युत यूटिलिटियों द्वारा योजनाओं के कार्यान्वयन को मॉनिटर करने में सहयोग देते हैं| आरसी द्वारा वित्तपोषित विभिन्न प्रकार की परियोजनाएं निम्न हैं:

  • विद्युत उत्पादन योजनाएं
  • ऊर्जा के परंपरागत स्रोतों अर्थात कोयला खानों का विकास जैसे जुड़े हुए क्षेत्रों सहित, थर्मल, हाइड्रो एवं गैस पर आधारित नए विद्युत उत्पादन स्टेशनों की स्थापना करना|
  • ऊर्जा के परंपरागत स्रोतों पर आधारित मौजूदा विद्युत उत्पादन स्टेशनों का उन्नयन एवं आधुनिकीकरण (आर एवं एम) करना
  • नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों जैसे कि सौर, पवन, लघु हाइड्रो, बायोमास आदि पर आधारित विद्युत उत्पादन संयंत्रों की स्थापना करना
  • विद्युत पारेषण योजनाएं
  • नए विद्युत उत्पादन स्टेशनों से विद्युत की निकासी एवं चिन्हित क्षेत्रों में मौजूदा पारेषण प्रणाली का संवर्धन एवं सुधार करना
  • विद्युत वितरण योजनाएं
  • चिन्हित क्षेत्रों में विद्युत उप-पारेषण एवं वितरण प्रणाली में संवर्धन एवं सुधार करना
  • ग्रामीण क्षेत्रों में निम्न वोल्टेज वितरण प्रणाली (एलवीडीएस) का उच्च वोल्टेज वितरण प्रणाली (एचवीडीएस) में परिवर्तन करना
  • पारेषण एवं वितरण प्रणालियों के संवर्धन/उन्नयन के लिए उपकरणों एवं सामग्रियों की खरीद करना
  • पहले ही विद्युतीकृत हो चुके गाँवों में ग्रामीण उपभोक्ताओं को कनेक्शन प्रदान करने हेतु गहन लोड का विकास करना
  • कृषि पम्पसेटों के ऊर्जायन हेतु विद्युत अवसंरचना की स्थापना करना
  • लघु अवधि ऋण/ मध्यम अवधि ऋण
  • काम-काज संबंधी पूंजीगत आवश्यकताओ जैसे कि विद्युत संयंत्रों के लिए तेल की खरीद, विद्युत की खरीद, छोटे उपकरणों एवं सामग्री की खरीद, ट्रांसफार्मरों की मरम्मत सहित प्रणाली एवं नेटवर्क का अनुरक्षण, आदि|

आरईसी सार्वजनिक-निजी भागीदारी के द्वारा अंतर-राज्यीय पारेषण प्रणालियों की स्थापना के लिए टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धात्मक बोली प्रक्रिया के जरिए विकासकर्ता के चयन हेतु 'बोली प्रक्रिया समन्वयकर्ता' के रूप में कार्य करने के अतिरिक्त, भारत सरकार की कई फ्लैगशिप योजनाओं जैसे कि ग्रामीण विद्युतीकरण की योजना 'दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना' (डीडीयूजीजेवाई) के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करता है तथा; विद्युत वितरण कंपनियों के लिए सुधार से जुडी ब्याज सब्सिडी योजना 'नेशनल इलेक्ट्रिसिटी फंड'; तथा 'आउटेज मैनेजमेंट सिस्टम' एवं '11 केवी फीडर मैनेजमेंट सिस्टम' के कार्यान्वयन में भी प्रमुख भूमिका निभाता है|

आरईसी भारत सरकार के द्वारा अक्टूबर 2015 को शुरू हुई राज्य क्षेत्र की विद्युत वितरण यूटिलिटियों के वित्तीय एवं प्रचालनगत स्थिति में सुधार तथा भागीदारी करने वाली यूटिलिटियों द्वारा प्रतिबद्ध विभिन्न सुधार से जुड़े मापदंडों की प्रगति को मॉनिटर करने के लक्ष्यों वाली 'उज्ज्वल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना' (उदय) के कार्यान्वयन में सक्रिय रूप से जुड़ा है| आरईसी देश में शहरी विद्युत अवसंरचना के सुधार हेतु भारत सरकार की योजना 'इंट्रीगेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम' (आईपीडीएस) के लिए समकक्ष वित्तपोषण भी प्रदान करता है|

आरईसी ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों के लिए तकनीक आधारित व्यवहारों, वितरण प्रणालियों तथा विद्युत संबंधी कार्यों के विधिक पहलुओं एवं विद्युत क्षेत्र के लेखांकन सहित विद्युत से जुड़े व्यापक विषयों को शामिल करते हुए, विद्युत यूटिलिटियों के तकनीकी एवं प्रबंधन से जुड़े कार्मिकों के प्रशिक्षण एवं विकासपरक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इन्हीं कार्यों हेतु समर्पित एक प्रशिक्षण संस्थान 'सेन्ट्रल इन्स्टीट्यूट ऑफ रूरल इलेक्ट्रीफिकेशन' की स्थापना की है|